
गाजियाबाद जिले की मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) अभियान के दौरान एक बड़ा अनियमितता का मामला सामने आया है। जांच में पता चला है कि जिले में 19,307 से अधिक डुप्लीकेट वोटर हैं, जिनके नाम मतदाता सूची में दो या दो से अधिक स्थानों पर दर्ज हैं, या फिर वे किसी अन्य क्षेत्र की सूची में भी शामिल हैं।
- डुप्लीकेट वोटरों की संख्या: जिले की पांचों विधानसभा क्षेत्रों – लोनी, मुरादनगर, साहिबाबाद, गाजियाबाद और मोदीनगर – को मिलाकर कुल 19,307 डुप्लीकेट मतदाता चिन्हित किए गए हैं।
- अन्य अनियमितताएं: डुप्लीकेट वोटरों के अलावा, इस SIR अभियान में 53,624 मृतक मतदाता और 3,30,379 ऐसे मतदाता भी पाए गए हैं जो अपने पते पर अनुपस्थित या शिफ्ट हो चुके हैं।
- लापरवाही पर कार्रवाई: प्रशासन ने मतदाता सूची के पुनरीक्षण कार्य, विशेषकर SIR के काम में गंभीर लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है।
- 21 BLOs पर FIR: साहिबाबाद विधानसभा क्षेत्र में काम में कोताही बरतने के आरोप में अब तक 21 बूथ स्तरीय अधिकारियों (BLOs) के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कराई गई है।
- कानूनी प्रावधान: इन अधिकारियों पर लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा 32 का उल्लंघन करने का आरोप लगाया गया है, जिसमें लापरवाही साबित होने पर जेल की सज़ा तक का प्रावधान है।
- प्रशासन का लक्ष्य: जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई किसी को दंडित करने के लिए नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करने के लिए है कि मतदाता सूची त्रुटिहीन और पूरी तरह शुद्ध हो, ताकि चुनावों में पारदर्शिता बनी रहे।
प्रशासन अब इन डुप्लीकेट नामों को सत्यापित कर सूची से हटाने की प्रक्रिया में जुटा हुआ है और साथ ही राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट्स (BLAs) से भी क्रॉस-वेरिफिकेशन कराने को कहा गया है।



